मंगलवार, 25 जुलाई 2017

मेरे एहसास......



कुछ अधूरी , कुछ अनकही बाते मिल कर बतानी है मुझे,


कुछ छुपे हुये आँसू है मेरी आंखो मे मिल कर तेरे दामन मे बहाने है मुझे !


कुछ एहसास जो अभी बाकी है , कुछ सपने जो अभी अधूरे है ,


उन सपने के खजाने को लुटाने है मुझे !


एक ऐसा दर्द जो मीठी खुशी दे जाता है , दिल मे तुम्हारे होने का एहसास जागा जाता है,


मिलकर सारे एहसास जगाने है मुझे!


वो रास्ते जो  मंजिल भूल गये है,   कुछ खुशी जो आँसू बन गए है,


सिर्फ एक बार यकीन कर लो मेरा..............मिलो तो मुझसे...सिर्फ एक बार 


सिर्फ एक बार रख कर अपना सिर तेरी गोंद मे इन आंखो मे बसे समंदर बहाने है मुझे...


जो ऐहसास है वो जगाने है मुझे.......!
  


मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

तुम मेरे हो .....

तुम मेरे हो....... 
 

आज भी तन्हाइयों मे अक्सर तुम्हारी याद आती है , आँसू नहीं दिखते है पर दिल बहुत रोता है|

आज जीवन मे कही  कोई कमी सी लगती है कुछ खालीपन सा लगता है , कहा हो , कैसे हो कुछ तो बता दो ,वादा है मेरा तुमसे मिलने नहीं आऊँगी बस अपना पता दो ।

आज भी दिल के एक कोने मे तुम हो तुम्हारी यादे  है, तुम्हारी बाते है, तुम्हारा एहसास है,  

कुछ टूटे हुये सपने है, कुछ टूटे हुये वादे है, तुम्हारे न होने  का एहसास है........फिर भी लगता है तुम यही कही आस – पास हो ....?

 आज भी मेरे सपने मे  तुम चपके से आकर मुझे जगा  जाते हो, अपने होने का एहसास करा जाते हो ...कुछ कीमती पल साथ बिता जाते हो |

ढुढ़ती हु वही सपनों का पल हकीकत मे चाहती हु तुमको महसूस  करना , तुमसे बात करना अपने सपने को सच करना, वादो को पूरा करना ...........पर यकी है तुम कही नहीं हो ....कही नहीं हो .....

तुम हकीकत मे रहो या न रहो मेरे लिए यही काफी है की मेरे सपनो  मे तुम सिर्फ मेरे हो...सिर्फ मेरे हो

शुक्रवार, 4 मार्च 2016

......साथी जीवन .... स्पर्श चक्र......

                                              .....साथी जीवन .......


साथी जीवन एक सफर है ,

क्षण भर ठहर किसी मंजिल पर

उठ जाता बिस्तर है ........

साथी जीवन एक सफर है |

काली यादे , अच्छी यादे ,

नीली –पीली तेरी यादे ,

महल – खन्ढहर जैसी यादे ,

हसती  यादे, रोती  यादे ,

सब लिपटे अंतस मे मेरे

प्रश्न  यही बस अंतहीन है ,

मै  हु राही ये डगर  है ......
,
साथी जीवन एक सफर है |



                स्पर्श चक्र..............


आकाश ने हवा को छुआ, हवा ने सागर को ...

सागर ने हरियाली को, हरियाली ने बादलो को..

बादल बरसे ........

जिसने सबको छुआ , पूरा हुआ ये स्पर्श चक्र |

तुमने मुझे छुआ, मैंने अपनी कामनाओ को....

कामनाओ ने फिर तुम्हें छुआ .......

हम छूते  रहे एक दुसरे को ....

हमने छुआ  एहसास के सभी रंगो को ...फिर भी हमारा ये

स्पर्श चक्र.....

रहता है अधूरा और अतृप्त ..............|




                                                                                                     


तुम बदले........|

                                        तुम बदले...............


तुम बदले सम्बोधन बदला, लेकिन मन की बात वही है |

जाने क्यो मौसम के पीछे, दिन बदले पर रात वही है |
तन की त्रिस्ना झुलस कर सोई ,मन मे झंझावात वही है |

तुम बदले सम्बोधन बदला, लेकिन मन मे बात वही है |

रिश्ते वही है नाते वही है ,लेकिन वो जज़्बात नहीं है |
सपने वही है ,लेकिन उनमे वो बात नहीं है |  
  
तुम बदले सम्बोधन  बदला, लेकिन मन मे बात वही है

                                        

सोमवार, 25 जनवरी 2016

सही सोच .... सही दिशा ॥|


 




आजकल लोगों में निराशावादी विचारधारा आसानी से पनपने  लगा है जिसकी वजह से सकारात्मक सोच एक आसरे की तरह काम करता है जिसका आप सहारा ले सकते हैं। सकारात्मक सोच ऐसा कोई वरदान नहीं है जो सिर्फ उन लोगो के ही   पास होता है जो जीने की कला  सिखाते हैं। यह हर एक के द्वारा   अपनाया जा सकता है। यहाँ पर अगर हम बस कुछ बातो का ध्यान रखे तो हमारी सोच भी सकारात्मक हो जाएगी ........  
           

सबसे पहले घ्यान करे -- ध्यान के वक़्त, जब दिमाग किसी विशेष विचार की ओर केन्द्रित रहता है तो उससे उर्जा बिखरती है। यह उर्जा इंसान के अन्दर मजबूती लाती है जिससे वह आम जीवन में कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने में सक्षम होता है। हर दिन कम से कम 5-10  मिनट तक ध्यान लगाने की कोशिश करें। अपने दिमाग में से सारे विचार निकाल दें। शुरुआत में यह प्रक्रिया कठिन  लगेगी पर अभ्यास से यह काफी आसान हो जाएगा।

 सकारात्मक सोच--- सकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों से मिले | इस संसार  में हर एक इंसान के पास किसी भी विषय को लेकर अपना एक विचार  होता  है। सकारात्मक विचारधारा वाले व्यक्तियों से मिलने से आपकी सोच और उद्देश्य भी सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ेंगी, जबकि नकारात्मक सोच रखने वाले लोग आपकी जिंदगी से सकारात्मकता को निकाल देते हैं। ऐसे लोगों के साथ रहे जो आपको सकारात्मक सोच व ऊर्जा  देते हों। आपको अपने आप में परिवर्तन ज़रूर महसूस होगा |


अपने व्यवहार  पर नियंत्रण रखें---  कई बार आपका यह प्रण  करना कि आप कुछ नकारात्मक नहीं सोचेंगे और अपने आस पास फैली नकारात्मकता पर विजयी होंगे, जिंदगी को देखने के आपके नज़रिए को एक नयी दिशा देता है। लोग हमेशा दूसरों को अपनी जिंदगी चलाने का मौका देकर सबसे बड़ी गलती करते हैं। आपको हर हालत में ऐसा करने से बचना चाहिए और अपने जीवन से जुड़े सारे महत्वपूर्ण फैसले खुद लेने चाहिए।


आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि सकारात्मक सोच सकारात्मकता लाती है, जबकि प्रतिकूल सोच रखने वाले नकारात्मकता को अपने पास बुलाते हैं। इसलिए सकारात्मक सोच कर आप अपने आप को नयी संभावनाओं के लिए खुला रखिए और अपनी जिंदगी जीने योग्य के योग्य बनाइये

इस प्रकार हमारा जीवन हमेशा खुशियो से भरा रहेगा और जब हम खुश रहेंगे , तभी हम इस समाज के लिए अपना योगदान दे पाएंगे |




रविवार, 22 नवंबर 2015

सकारात्मक सोच....

                                         सकारात्मक सोच 

 अक्सर हमारे जीवन मे  ऐसे मौके आते हैं जब हम बहुत निराश और उदास हो जाते हैं। ऐसे मौके पर हमें अपने आप को अपने परिवेश की अच्छी चीजों, अच्‍छी बातों की याद दिलानी पड़ती है। ऐसा करने से नकारात्मक चीजें अपने आप कही गुम हो जाती हैं, और हमारी सोच अपने आप सकारात्मक हो जाती है |
अगर हमारी सोच सकारात्मक होगी तो हमे सफलता जरूर मिलेगी भले  ही थोड़ी देर हो जाए तो क्या लेकिन हम सफल जरूर होंगे |
आप खुद सोचिए की एक  पेड़ से हजारो माचिस की तिलिया बनती है लेकिन सिर्फ एक तीली ही काफी होती है हजारो पेड़ को जलाने के लिए |
इसलिए हमे अपने बारे मे अच्छा सोचने का पूरा अधिकार है चाहे कोई हमारे बारे मे कितना भी बुरा सोचे बस हमे अपनी सोच सही रखनी है |
अगर आप उदासी और निराशा के शिकार है तो सकारात्मक सोचिए और  कुछ  बातों   को याद रखिए  और इनको अपना ले तो सबकी  जिंदगी सरल हो जाए ----
1.      वक्त सारे घाव भर देता है। हर चीज को वक्त  दिजिये ।
2.      जीवन सुलझा होता है इसे उलझाएं नहीं, हर कम को एक - एक करके करिये
3.      कुछ भी उतना बुरा  नहीं होता  जितना कि दिखता है, इसलिए बूरा सोचना बंद करें।
4.      मौके हर जगह हैं बस आप उन्हे ढूंढने की कोशीश  करिए
5.      अगर आपको अपने बारे में कुछ पसंद नहीं है तो उसे आप कभी भी बदल सकते हैं।
6.      असफलताएं और गलतियां आशीर्वाद और वरदान हैं, यह जितने मिले उतना अच्छा है।
7.      छोड़ो और जाने दो  वाला ऐटिट्यूड  अपनाएं, आप हमेशा खुश रहेंगे।
8.      ये पूरी सृष्टि हमेशा आपके पक्ष में  काम करती है न की विरोध में ऐसा हम सोचेंगे  तभी आगे बढ़ेंगे
9.      हर अगला दिन आपके लिए नयी उमीदों का भण्डार लेकर आता है, इसको  समझकर हमे अपना कोई भी काम नए लगन और हिम्मत के साथ शुरू करना चाहिए |
10.  दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है, जो आपकी मदद कर सकते हैं और आपको प्रेरित कर सकते हैं। बस कौन अच्छा है यह हमें देखना है।
11.  सुबह का सूरज नयी सोच और जोश के साथ निकलता है ,ये कभी मत भूलिए |
12.  हर व्यक्ति अपने हुनर के साथ पैदा होता है बस हमे उसको पहचानना  है|
13.  समय की कीमत को जाने और उसका पूरा उपयोग करे | समय को बर्बाद करने वाला कभी भी आगे नही  बढ़ सकता |
14.  जो भी गलती अगर पूरे दिन मे हुई हो तों उसको हमे स्वीकार करके सुधारने की कोशिश  करनी चाहिए ताकि फिर वो गलती हम दूसरे दिन न करे |

15.  हमे अपने जीवन मे हमेशा सीखते रहना चाहिए ,क्योकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है|....


सोमवार, 16 नवंबर 2015

मै दीपक ......तुम बाती |

16 नव ॰ 2015, आज मेरी शादी को दस साल हो गए | आज मेरी शादी की दसवी साल गिरह है | मै भगवान  से यही प्रार्थना करती हू , की जैसे ये दस साल खुशी -खुशी बीत गए वैसे ही आगे भी हमारी लाइफ ऐसे ही बीत जाए  हम आगे भी ऐसे खुश और साथ -साथ रहे | हमारा रिश्ता ऐसे ही महकता रहे | 
आज मेरे हसबेंड ने मेरे लिए चंद  लाइन  लिखी और मुझे गिफ्ट किया .... तो मैंने सोचा की आप लोगो के साथ शेयर करू  ........| 

मै दीपक हूँ, तुम हो बाती। एक दशक से जलते संग संग.....
मै हूँ सीप तो तुम हो स्वाति....

जो मेरा है, सब कुछ तेरा। कैसी अकड़न, तेरा – मेरा
मै शरीर हूँ, तुम मुझमे हो, सांस तुम्ही हो, हृदय मेरा
नहीं रखो कुछ मन मे अपने,
बातें तो है आती, जाती.....
मै दीपक हूँ, तुम हो बाती....

विश्वास करो, और अपना समझो। छोड़ो सब कुछ करो समर्पित
ईश्वर सच है, वही विधाता, सारा दुख सुख कर दो अर्पित
धूल धूसरित शिशु को भी क्या माता बढ़ कर नहीं अपनाती--?

मै दीपक हूँ, तुम हो बाती......

                               निर्भय "देवव्रत "






जानम हम तुमपे मरते है ......



जानम हम तुमपे मरते है .......|
कितना प्यार छुपा रखा है सिने मे ,
कितनी मस्ती दिखती है तेरे संग मे ,
मेरी आंखे तो अब तेरी नैनो की मदिरा पीते है ...
जानम हम तुमपे मरते है ....|

छोटी -छोटी बाते अक्सर क्या -क्या रंग दिखा  देती है ,
कसमें ,वादे पल मे टूटे ,कितने आँसू भर देती है ,
नीदे  कहा उड़ जाती है , बस हम तो तारे गिनते है .....
जानम हम तुमपे मरते है ....|

देखो ,सोचो नए साल मे ,हम डूबंगे प्यार मे ,
फिर से संग -संग जिएंगे खुशियो के संसार मे ,
कसम  तुम्हारी यकीन कर लो ,हर सांस तुम्ही से भरते है ....
जानम हम तुमपे मरते है ....|



                                 निर्भय "देवव्रत "