गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

रास्ता ....








वक्त का एक तूफां ऐसा आया 
सब कुछ उड़ा कर ले गया 
एक कारवां जो अभी रास्ते पर भी नहीं चला 
वो रास्ता जाने कहा खो गया 
एक सैलाब ऐसा आया जो सब कुछ बहा कर ले गया 
जिंदगी का हंसी हर वो पल जिसे मैं 
ढूँढती रही खोजती रही 
वक्त के साथ वो पल कही बह गया 
जिंदगी का वो रास्ता जिस पर हम दोनों चलते 
वो रास्ता भी कही खो गया 
मेरे कुछ सपने जो सिर्फ मेरे थे 
वो सैलाब के साथ जाने कहा बह गए 
मैं  फिर बैठी रह गयी अपना 
सब कुछ गवां कर रह गयी 
मेरे साथ तो सिर्फ मेरी तन्हाई और तुम्हारी  यादे  

शनिवार, 14 सितंबर 2019

मेरे शब्द




मेरे कुछ शब्द 
बिखरे है  यहाँ वहा 
कुछ किसी पुरानी कॉपी के आखिरी पन्नो पर 
कुछ  कागज के किसी कोनो पर 
कुछ डरे हुए कुछ सहमे हुए से 
मेरे कुछ शब्द 

कुछ मेरी सोच में 
कुछ मेरी जहन में 
कुछ गुजरे  हुए कल  में
कुछ बीते हुए पल में पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

कुछ  मेरी आधी अधूरी  कविताओं में 
कुछ  मेरी आधी कहानियो में 
कुछ टूटे हुए कुछ बिगड़े हुए 
कुछ सवरे हुए पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

मेरी आंसूओ में भीगे हुए कुछ शब्द 
तेरी याद में रोते  हुए कुछ  शब्द 
तेरी ख्वाबो में  डूबे हुए कुछ शब्द 
मेरे दर्द को बयां करते हुए पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

शनिवार, 7 सितंबर 2019

मेरी बिंदिया







मेरी बिंदिया फिर चमक उठी थी 
तूने तो सिर्फ दस्तक दी थी 
साँसे कुछ थमी हुई थी 
फिर क्यों मैं  यु ही चहक उठी थी 
तुलसी का बिरवा आँगन में 
दिए जलाकर ड्योढ़ी पर 
तेरी यादो में खोयी थी 
फिर सहसा क्यों ठिठक पड़ी थी 
इतना प्यार समेटे कब से 
राह में आँखे बिछी हुई थी 
कुछ आंसू मुस्कान  में लिपटे 
आशा गहरी मिलन की 
पाकर अपने प्रीतम को 
अब दिल की बगिया महक उठी थी 
मेरी बिंदिया फिर चमक उठी थी 

बारिश की बूंदे






तेरा प्यार था या बारिश की पहली बूंदे
भिगो तो गयी मुझे पर रुक न सकी
जब भी  आती है बारिश तुम्हारी याद लेकर आती है
हर बूँद से सिर्फ तुम्हारी याद आती है
बारिश जैसे ही तेज़ होती है
धड़कन तेज हो जाती है
हर धड़कन से सिर्फ तुम्हारी आवाज आती है
बारिश का ये मौसम तेरी याद दिलाता है
तेरे साथ होने का एहसास दिलाता है
तेरी खामोशी और बारिश की छम छम
दोनों ही दिल को दर्द दे  जाती है
हर तरफ सिर्फ  तेरे प्यार की आवाज आती है
कितना चाहा रोक लू तुम्हे बंद कर लूँ दिल में
लेकिन तुम भी चले गए उन बारिश की बूंदो की तरह
जिससे हथेली तो गीली हो गयी पर रुक न सकी

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

काश ऐसा वक्त आये .....



काश ऐसा वक्त आये 
बैठे हो हम तेरा सज़दा किये 
लेकर तेरा हाथो में हाथ 

काश ऐसा वक्त आये 
बैठे हो   तेरी पलको की छांव में 
करे गुफ्तगू जी भर के 

काश ऐसा वक्त आये 
खो जाये एक दूसरे की बाहों  में 
और बीत जाये रात ख्वाबो में 

काश ऐसा वक्त आये 
दे दो एक शाम अहसास का 
प्यार का और  गहरे  जज्बात का 

काश ऐसा वक्त आये 
अपनी ग़जलों में तुझे गुनगुनाऊं 
तेरी प्यार की नज़्म गाउँ 
तेरे ही सुर में घुल जाऊ 

काश ऐसा वक्त आये 
जिंदगी मुक्कमल हो जाये 
मांग भरूँ तेरे नाम का 
और मैं  तेरी बन जाऊँ 

काश ऐसा वक्त आये 
सुबह आँख खुले तो दीदार तेरा हो 
हर तरफ सिर्फ प्यार तेरा हो 

काश ऐसा वक्त आये 
जताऊँ मैं  तुझ पर अपना प्यार 
कर दूँ अपना  सब कुछ समर्पित 
काश ऐसा वक्त आये 
काश ऐसा वक्त आये..... 


बुधवार, 31 जुलाई 2019

मैं खुद को....




जब भी डगमगाते है कदम मेरे 
मैं  खुद को संभाल  लेती हूँ 
गिरती हूँ संभलती हूँ 
फिर उठ कर चलती हूँ पर कभी भी 
मैं खुद को गिरने नहीं देती ....|  

जीत जाये चाहे कोई भी मुझसे कितना 
मैं खुद को कभी हारने नहीं देती 
ख़ामोशी भरी हुई है मुझमे 
मगर खुद से खुश होकर 
मैं खुद को कभी टूटने नहीं देती  ....| 

चाहे कोई कितना भी दिल दुखाये 
चाहे कोई कितना भी  ग़म दे जाए 
मैं  उससे थोड़ा फ़ासला  कर लेती हूँ 
पर मैं  खुद को मरने नहीं देती...|  

कभी कभी बहुत परेशान  होता है मन 
बेचैन  होता है, मेरा मन  मेरी एक भी नहीं सुनता 
तब मैं खुद से दूरी कर लेती हूँ 
पर मैं खुद को बिखरने  नहीं देती। ...|  

आते रहते है जीवन में उतार  और चढ़ाव 
छा जाती है हर तरफ उदासी 
हर तरफ अंधियारी फिर भी 
 मैं खुद को बुझने  नहीं देती ...| 

हर बार खुद को संभाल लेती हूँ 
मैं खुद को कभी गिरने नहीं देती ... |