सोमवार, 18 नवंबर 2019

बन गए थे तुम मेरी किस्मत ....







बन गए थे तुम मेरी किस्मत, 
ये और बात है  की तेरी  किस्मत में हम  नहीं थे 

छुपा  लिया था तुझको अपने  दिल में, 
ये और बात है  की तेरी दिल   में हम  नहीं थे 

पा लिया  था तुझको तुझसे ही ,
ये और बात है  की तेरे ख्वाबो में  हम नहीं थे 

बसा लिया था तुझको अपनी आँखों में, 
ये और बात है  की तेरी  निगाहो  हम नहीं थे 

महसूस  कर लिया था तुझको अपनी धड़कन में 
ये और बात है  की तेरी  साँसों  में हम नहीं थे 

मेरी दुआओँ में थी तेरी ख्वाहिश, 
ये और बात है की तेरी चाहत हम नहीं थे 

बन गए थे तुम मेरी क़िस्मत ..... 


फुर्सत हो तो चले आना






कभी फुर्सत हो तो चले आना 
अपनी व्यस्तताओं से समय निकाल कर 
कुछ पल उधार  दे देना 
उस एक पल में  गुजार  लेना पूरी जिंदगी मेरे साथ 
कुछ मेरी  सुन लेना कुछ अपनी सुना देना 
जैसे मिले थे हम  पहली बार 
मिलेंगे फिर एक बार उसी 
शर्मो हाय के साथ 
लब्ज़ों को खामोश रखकर 
सुनेंगे एक दूसरे की खामोशियो को 
महसूस करेंगे एक दूसरे की धड़कनो को 
जी लेंगे एक दूसरे के एहसासो के साथ
चुरा लेंगे कुछ फुर्सत के पल एक दूसरे के  लिए 
ढूंढ लेंगे कुछ सवालो के जवाब एक दूसरे से 


कभी फुर्सत हो तो चले आना.....| 

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

रास्ता ....








वक्त का एक तूफां ऐसा आया 
सब कुछ उड़ा कर ले गया 
एक कारवां जो अभी रास्ते पर भी नहीं चला 
वो रास्ता जाने कहा खो गया 
एक सैलाब ऐसा आया जो सब कुछ बहा कर ले गया 
जिंदगी का हंसी हर वो पल जिसे मैं 
ढूँढती रही खोजती रही 
वक्त के साथ वो पल कही बह गया 
जिंदगी का वो रास्ता जिस पर हम दोनों चलते 
वो रास्ता भी कही खो गया 
मेरे कुछ सपने जो सिर्फ मेरे थे 
वो सैलाब के साथ जाने कहा बह गए 
मैं  फिर बैठी रह गयी अपना 
सब कुछ गवां कर रह गयी 
मेरे साथ तो सिर्फ मेरी तन्हाई और तुम्हारी  यादे  

शनिवार, 14 सितंबर 2019

मेरे शब्द




मेरे कुछ शब्द 
बिखरे है  यहाँ वहा 
कुछ किसी पुरानी कॉपी के आखिरी पन्नो पर 
कुछ  कागज के किसी कोनो पर 
कुछ डरे हुए कुछ सहमे हुए से 
मेरे कुछ शब्द 

कुछ मेरी सोच में 
कुछ मेरी जहन में 
कुछ गुजरे  हुए कल  में
कुछ बीते हुए पल में पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

कुछ  मेरी आधी अधूरी  कविताओं में 
कुछ  मेरी आधी कहानियो में 
कुछ टूटे हुए कुछ बिगड़े हुए 
कुछ सवरे हुए पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

मेरी आंसूओ में भीगे हुए कुछ शब्द 
तेरी याद में रोते  हुए कुछ  शब्द 
तेरी ख्वाबो में  डूबे हुए कुछ शब्द 
मेरे दर्द को बयां करते हुए पड़े है 
मेरे कुछ शब्द 

शनिवार, 7 सितंबर 2019

मेरी बिंदिया







मेरी बिंदिया फिर चमक उठी थी 
तूने तो सिर्फ दस्तक दी थी 
साँसे कुछ थमी हुई थी 
फिर क्यों मैं  यु ही चहक उठी थी 
तुलसी का बिरवा आँगन में 
दिए जलाकर ड्योढ़ी पर 
तेरी यादो में खोयी थी 
फिर सहसा क्यों ठिठक पड़ी थी 
इतना प्यार समेटे कब से 
राह में आँखे बिछी हुई थी 
कुछ आंसू मुस्कान  में लिपटे 
आशा गहरी मिलन की 
पाकर अपने प्रीतम को 
अब दिल की बगिया महक उठी थी 
मेरी बिंदिया फिर चमक उठी थी 

बारिश की बूंदे






तेरा प्यार था या बारिश की पहली बूंदे
भिगो तो गयी मुझे पर रुक न सकी
जब भी  आती है बारिश तुम्हारी याद लेकर आती है
हर बूँद से सिर्फ तुम्हारी याद आती है
बारिश जैसे ही तेज़ होती है
धड़कन तेज हो जाती है
हर धड़कन से सिर्फ तुम्हारी आवाज आती है
बारिश का ये मौसम तेरी याद दिलाता है
तेरे साथ होने का एहसास दिलाता है
तेरी खामोशी और बारिश की छम छम
दोनों ही दिल को दर्द दे  जाती है
हर तरफ सिर्फ  तेरे प्यार की आवाज आती है
कितना चाहा रोक लू तुम्हे बंद कर लूँ दिल में
लेकिन तुम भी चले गए उन बारिश की बूंदो की तरह
जिससे हथेली तो गीली हो गयी पर रुक न सकी