रविवार, 27 मार्च 2022

एक मोती तेरे ख्वाब का.....

 


समेट लिया है खुद को 

बरसो से कुछ इस तरह 

तुम मिलो तो बिखर जाऊं 

मोती बन कर सवंर जाऊं 

एक मोती तेरे प्यार का 

तुमपे वारु 

एक मोती तेरे एहसास का 

दिल मे रखूं 

एक मोती तेरे जज्बात का 

मन में सजा लूँ 

एक मोती तेरे ख्वाब का 

आंखों में बसा लूँ 

तेरे दामन के धागे से बांध लूँ 

मैं सारे मोती 

जोड़कर तुझसे रिश्ता 

उनको गले का हार बना लूँ 

तुम मिलूं तो निखर जाऊं 

बनकर इश्क तेरा सवंर जाऊं ।।

 

एक मीठा एहसास ......



 

तुम दूर रहते हुए भी 

हर वक्त मेरे साथ रहे  

कभी दिल की धड़कन में 

कभी मेरी हिचकियो में 

बस जब रहे मेरे पास रहे 

कभी दुआओ में मांगा तुम्हे 

कभी खुशबूओं में महसूस किया 

तुम भूले गए मुझे 

पर मुझको हर वक्त

 तुम याद रहे

खास थे खास हो 

दिल ने हर वक्त 

यही कहा तुम मुझसे   

दूर ही सही मगर 

जिंदगी में मेरे 

तेरा एक मीठा एहसास रहे ।।

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐ चाँद ......

 


ऐ चाँद मेरे चाँद की उम्र लंबी करना 

सदा रहे वो मेरा बस इतनी दुआ करना 

बनकर उसकी चांदनी मैं रहूँ सदा 

उसके दिल मे उसकी जिंदगी में 

वो कभी मेरी चूड़ी में खनके 

कभी मेरी बिंदी में चमके 

माथे का सिंदूर बनकर 

वो ही दमकता रहे 

ऐ चाँद मेरी चाँद की रक्षा करना 

बनकर कवच उसकी मैं 

सामने खड़ी रहूँ हर मुश्किल 

का सामना मैं डट कर करूं 

ऐ चाँद मेरी  चाँद को रोशन रखना

ताकि कर सके वो रोशन 

मेरी जहाँ को 

बनकर एक दूसरे की रोशनी 

हर सके हम जीवन के अंधेरे को

ऐ चाँद मेरे चाँद को हिम्मत देना 

सह सके हम दुख के बादलो को 

पी सके हम आंसू को बारिश को 

रोशन कर सके मुस्कुराहट को 

ऐ चाँद मेरे चाँद को खुश रखना ।।

 

 

 

एक विश्वास है .....

 



एक विश्वास है 
संग तुम्हारे 
जीवन जैसा भी हो
खूबसूरत ही होगा ..
हर सफर हर डगर
पर साथ तुम्हारा 
ख़ूबसूरत ही होगा ..
रंग कर तेरे ही रंग में 
सज कर तेरी ही 
ढंग में चलूँ 
थाम हाथ तेरा वो
भरोसे वाला साथ 
खूबसूरत ही होगा ..
महकती जुल्फे 
चमकती आंखे 
मुस्कुराते होठ 
बीत जाए  कुछ पल 
जो संग तेरे वो पल 
ख़ूबसूरत ही होगा ..
चाँदनी रात तारो का
साथ मीठी मीठी नींद 
वो आगोश तेरा 
बेशक बेहद 
खूबसूरत ही होगा 
एक विश्वास है 
संग तुम्हारे जीवन 
जैसा भी हो 
खूबसूरत ही होगा ।।



बुधवार, 29 सितंबर 2021

खुद की तलाश....

खुद की तलाश

खुद को पाने की चाह 

क्यों ऐसा होता है 

तलाश खतम नही होती 

और उम्र गुजर जाती है 

सब पीछे छूट जाता है 

आस फिर भी रह जाती है 

तड़प रह जाती है 

खुद को पाने की        

आस्मा में पंख फड़फड़ाने की 

जब देखती हूँ आईना 

खुद का अक्स भी खुद से 

दूर नजर आता है 

जो देख कर मुझे 

सिर्फ मुस्कुराता है 

 रिश्तो से जकड़ा हुआ 

और बंधनो से बंधा हुआ

पाती हूँ खुद को अब तो 

एक ख्वाब की तरह 

जो आंख खुलते ही 

कही गायब हो जाता है 

रह जाता है तो मेरा 

 खोया हुआ वजूद जो 

खुद की तलाश में 

तन्हा भटक रहा है ।

 

 

खामोश भरी राते .....


 


ये खामोश भरी राते 

बहुत कुछ कहती है 

आंखे बिना नींद

आंसू बहाती रहती है 

कितनी राते सिर्फ 

करवट में बीत  जाती है 

चाहे जितनी भी कर लूं 

कोशिश मैं तेरी यादे 

दिल मे दर्द दे ही जाती है 

आती है जब भी ठंडी हवाएं 

संग उनके  तेरी खुशबू

मेरे मन मे भर जाती है 

जागती राते अक्सर      

मुझे जगा जाती है 

किससे कहूँ  दिल की दास्तां 

कुछ टूटे सपने बिखरे रिश्ते 

जो मन मे है 

वो बन कर कांटा मुझे 

चुभो जाती है 

वक्त बेवक्त कभी भी 

चली आती है तेरी यादे 

और आकर मुझे रुला  जाती है ।

 

 

चाँद और तुम.....

 



देखो ना आज भी

 चाँद वैसा ही है 

जैसा तुम छोड़ गए थे 

वही चाँदनी वही रोशनी 

सब कुछ वैसा ही है 

सिर्फ तुम्हारी कमी है 

जब यादें दिल को 

दुखाती है तो उस दिन 

चाँद भी कम चमकता है 

मुझे उदास देख कर 

वो भी उदास हो जाता है 

आकर वो मेरी खिड़की पर 

झांकता है अंदर तक 

ढूंढता है वो तुमको  

मेरे आस पास हर जगह 

कही नही मिलते तुम उसे 

उदास हो चला जाता है 

और उस रात अमावस 

की रात हो जाती है 

देख लेता है जिस दिन वो 

तुमको मेरे अंदर 

मेरे एहसासों में 

मेरी आँखों में 

चमक उठता है वो 

उस रात को फिर 

पूनम की रात हो जाती है ।